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नौकरी गई तो रची फर्जी साजिश
बदले की आग में वेटर ने दिल्ली दहला दी।
नौकरी से निकाले जाने का बदला, फर्जी बम कॉल से दिल्ली पुलिस में मचा हड़कंप।
10 Feb 2026, 03:12 PM
Maharashtra -
Pune
Reporter :
Mahesh Sharma
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Pune नई दिल्ली / पुणे।
राजधानी दिल्ली में बम धमाके की झूठी सूचना देकर अफरा-तफरी मचाने के मामले में पुलिस जांच ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह मामला किसी आतंकी साजिश से नहीं, बल्कि नौकरी से निकाले गए एक वेटर की बदले की भावना से जुड़ा निकला।
📞 एक कॉल और मच गया हड़कंप
8 फरवरी की दोपहर दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में आई एक फोन कॉल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। कॉल करने वाले ने दावा किया कि दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके चांदनी चौक को उड़ाने की साजिश रची जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।
🏨 पुणे के होटल से जोड़ी गई कहानी
फोन करने वाले ने आरोप लगाया कि यह साजिश पुणे के बुधवार पेठ इलाके के एक होटल में तैयार की गई थी और होटल मालिक को इस हमले के लिए 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कॉल में दिए गए विवरण इतने गंभीर थे कि दिल्ली पुलिस ने इसे हाई रिस्क थ्रेट मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
🔍 जांच में निकली ‘फर्जी’ साजिश
हालांकि, घंटों चली जांच और तकनीकी सर्विलांस के बाद पुलिस को इस दावे में कई खामियां नजर आईं। कॉल ट्रेस होने पर आरोपी की पहचान पुणे निवासी एक व्यक्ति के रूप में हुई, जो पहले एक होटल में वेटर का काम करता था।
😠 नौकरी से निकाले जाने की खुन्नस
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को कोविड-19 के दौरान होटल से निकाला गया था। बताया गया कि उसके अजीब और असामान्य व्यवहार के चलते मालिक ने उसे नौकरी से हटा दिया था। इसी रंजिश के चलते उसने होटल मालिक को फंसाने और बदनाम करने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी।
🧠 मानसिक स्थिति पर भी सवाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं पाई गई। रिकॉर्ड से पता चला कि उसने पहले भी कई बार पुलिस को भ्रामक कॉल कर गुमराह करने की कोशिश की थी। जांच के बाद यह साफ हो गया कि बम धमाके की कोई साजिश नहीं थी।
⚖️ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
दिल्ली और पुणे पुलिस की संयुक्त जांच के बाद आरोपी के खिलाफ झूठी सूचना देने, डर फैलाने और सरकारी तंत्र को गुमराह करने की धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
🚨 पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने साफ कहा है कि इस तरह की फर्जी धमकियां न सिर्फ कानून व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम जनता में डर का माहौल भी पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी दिल्ली में बम धमाके की झूठी सूचना देकर अफरा-तफरी मचाने के मामले में पुलिस जांच ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। यह मामला किसी आतंकी साजिश से नहीं, बल्कि नौकरी से निकाले गए एक वेटर की बदले की भावना से जुड़ा निकला।
📞 एक कॉल और मच गया हड़कंप
8 फरवरी की दोपहर दिल्ली पुलिस के कंट्रोल रूम में आई एक फोन कॉल ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी। कॉल करने वाले ने दावा किया कि दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाके चांदनी चौक को उड़ाने की साजिश रची जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस, बम स्क्वॉड और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।
🏨 पुणे के होटल से जोड़ी गई कहानी
फोन करने वाले ने आरोप लगाया कि यह साजिश पुणे के बुधवार पेठ इलाके के एक होटल में तैयार की गई थी और होटल मालिक को इस हमले के लिए 20 करोड़ रुपये दिए गए हैं। कॉल में दिए गए विवरण इतने गंभीर थे कि दिल्ली पुलिस ने इसे हाई रिस्क थ्रेट मानते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू की।
🔍 जांच में निकली ‘फर्जी’ साजिश
हालांकि, घंटों चली जांच और तकनीकी सर्विलांस के बाद पुलिस को इस दावे में कई खामियां नजर आईं। कॉल ट्रेस होने पर आरोपी की पहचान पुणे निवासी एक व्यक्ति के रूप में हुई, जो पहले एक होटल में वेटर का काम करता था।
😠 नौकरी से निकाले जाने की खुन्नस
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी को कोविड-19 के दौरान होटल से निकाला गया था। बताया गया कि उसके अजीब और असामान्य व्यवहार के चलते मालिक ने उसे नौकरी से हटा दिया था। इसी रंजिश के चलते उसने होटल मालिक को फंसाने और बदनाम करने के लिए यह झूठी कहानी गढ़ी।
🧠 मानसिक स्थिति पर भी सवाल
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की मानसिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं पाई गई। रिकॉर्ड से पता चला कि उसने पहले भी कई बार पुलिस को भ्रामक कॉल कर गुमराह करने की कोशिश की थी। जांच के बाद यह साफ हो गया कि बम धमाके की कोई साजिश नहीं थी।
⚖️ कानूनी कार्रवाई की तैयारी
दिल्ली और पुणे पुलिस की संयुक्त जांच के बाद आरोपी के खिलाफ झूठी सूचना देने, डर फैलाने और सरकारी तंत्र को गुमराह करने की धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
🚨 पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने साफ कहा है कि इस तरह की फर्जी धमकियां न सिर्फ कानून व्यवस्था को प्रभावित करती हैं, बल्कि आम जनता में डर का माहौल भी पैदा करती हैं। ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।