Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
विधायक बसवराज की गिरफ्तारी
कोर्ट ने 7 दिन की CID कस्टडी मंजूर की
बिकला शिव हत्या मामले में BJP विधायक बसवराज को 7 दिन की CID कस्टडी
16 Feb 2026, 01:23 PM Karnataka - Bangalore Rural
Reporter : Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open
Bangalore Rural कर्नाटक के कृष्णराजपुरम से 64 वर्षीय भाजपा विधायक बायरती बसवराज को रियल एस्टेट कारोबारी बिकला शिव हत्या मामले में गिरफ्तार किया गया। अदालत ने उन्हें सात दिन की CID कस्टडी में भेजने का आदेश दिया है। गिरफ्तारी के बाद विधायक की बोवरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, जहां उन्होंने हृदय संबंधी समस्या की शिकायत की। हालांकि, अदालत ने कस्टडी जारी रखने का आदेश दिया।

सीआईडी ने जांच के दौरान बताया कि मामले के मुख्य आरोपी जगदीश पद्मनाभ उर्फ जगा के साथ विधायक बसवराज का संबंध संदिग्ध पाया गया है। जांच में जुटाए गए सबूतों से संकेत मिलते हैं कि बसवराज ने हत्या के मामले में कुछ आरोपियों का समर्थन किया। सीआईडी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह कदम उठाया है।

बिकला शिव की हत्या की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी मचा दी थी। मृतक कारोबारी के परिवार और स्थानीय लोग इस मामले में न्याय की मांग कर रहे थे। विधायक बसवराज की गिरफ्तारी से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है।

विधायक की मेडिकल जांच के दौरान हृदय संबंधी शिकायत सामने आने से सुरक्षा और स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का ध्यान रखा गया। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें आवश्यक मेडिकल सहायता प्रदान की जाए। कस्टडी के दौरान सीआईडी आरोपी से पूछताछ करेगी और मामले के अन्य पहलुओं की जांच करेगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि विधायक की गिरफ्तारी और CID कस्टडी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। बीते कुछ हफ्तों में सीआईडी ने घटना स्थल और सबूतों के आधार पर कई संदिग्धों से पूछताछ की है। जांच अब हत्या के पीछे की साजिश, राजनीतिक संबंध और आर्थिक लाभ के पहलुओं पर केंद्रित है।

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा विधायक की गिरफ्तारी से पार्टी की छवि पर प्रभाव पड़ सकता है। वहीं विपक्षी दल इस मामले में विधायकों और अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठा सकते हैं।

कुल मिलाकर, बिकला शिव हत्या मामला अब न्यायिक प्रक्रिया और सीआईडी जांच के केंद्र में है। सात दिन की कस्टडी में सीआईडी जांच पूरी कर सबूतों और आरोपियों की पुष्टि करेगी। इस मामले में आगे की जांच और पूछताछ से राजनीतिक और कानूनी दिशा स्पष्ट होगी।