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नया प्रधानमंत्री कार्यालय
नेचुरल लाइटिंग और पर्यावरण अनुकूल निर्माण
प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया, नया पावर सेंटर आधुनिक और स्मार्ट बनाया गया
13 Feb 2026, 11:27 AM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी को नई प्रधानमंत्री कार्यालय बिल्डिंग ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन किया। यह नया कार्यालय प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय को एक ही परिसर में समाहित करता है। इससे पहले ये विभाग अलग-अलग स्थानों पर थे। नए परिसर को आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों और स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के अनुसार डिजाइन किया गया है।
सेवा तीर्थ का डिज़ाइन वास्तु और आधुनिक निर्माण तकनीक का मेल है। बिल्डिंग symmetrical है और इसमें लंबे गलियारे बनाए गए हैं, जो नेचुरल लाइटिंग की सुविधा देते हैं। इससे न केवल कामकाजी माहौल बेहतर होगा बल्कि ऊर्जा की खपत भी कम होगी। आधुनिक भवन निर्माण में पर्यावरण पर न्यूनतम असर डालने के लिए उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षा को भी पूरी तरह ध्यान में रखा गया है। सेवा तीर्थ में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, विस्तृत सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस एमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम लगाया गया है। यह नया पावर सेंटर नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से पूरी तरह अलग है, जो ब्रिटिश साम्राज्यवाद के समय के भवनों की दमनकारी शैली के प्रतीक थे। पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में ऊंचा प्लिंथ, विशाल स्तंभ और गुंबद जैसे स्थापत्य तत्व थे, जबकि सेवा तीर्थ आधुनिक और functional है।
सेवा तीर्थ के शिफ्ट होने से प्रशासनिक कामकाज की गति में भी वृद्धि होगी। अब प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण सचिवालयों के बीच संचार और समन्वय अधिक सुगम हो जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों बढ़ाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल भवन परिवर्तन नहीं है, बल्कि भारत के प्रशासनिक ढांचे में आधुनिकता और पारदर्शिता का प्रतीक भी है। नए पावर सेंटर में टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल, पर्यावरण-अनुकूल डिज़ाइन और स्मार्ट सुरक्षा उपाय इसे न केवल कार्यात्मक बल्कि दर्शनीय भी बनाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि सेवा तीर्थ आधुनिक प्रशासन की नई पहचान है और यह देश के प्रशासनिक कार्यों को और प्रभावी बनाएगा। उद्घाटन के मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी मौजूद थे।
इस तरह लगभग 9 दशकों तक देश का सत्ता केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ की वास्तुकला और डिज़ाइन पूरी तरह भिन्न है। नया पावर सेंटर आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य में भी प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाए रखने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, सेवा तीर्थ भारत के प्रशासनिक ढांचे में आधुनिकता, सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल डिज़ाइन का प्रतीक बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री कार्यालय का यह नया परिसर न केवल आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है बल्कि भारत के प्रशासनिक भविष्य की दिशा भी तय करता है।
सेवा तीर्थ का डिज़ाइन वास्तु और आधुनिक निर्माण तकनीक का मेल है। बिल्डिंग symmetrical है और इसमें लंबे गलियारे बनाए गए हैं, जो नेचुरल लाइटिंग की सुविधा देते हैं। इससे न केवल कामकाजी माहौल बेहतर होगा बल्कि ऊर्जा की खपत भी कम होगी। आधुनिक भवन निर्माण में पर्यावरण पर न्यूनतम असर डालने के लिए उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
सुरक्षा को भी पूरी तरह ध्यान में रखा गया है। सेवा तीर्थ में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, विस्तृत सर्विलांस नेटवर्क और एडवांस एमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम लगाया गया है। यह नया पावर सेंटर नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से पूरी तरह अलग है, जो ब्रिटिश साम्राज्यवाद के समय के भवनों की दमनकारी शैली के प्रतीक थे। पुराने नॉर्थ और साउथ ब्लॉक में ऊंचा प्लिंथ, विशाल स्तंभ और गुंबद जैसे स्थापत्य तत्व थे, जबकि सेवा तीर्थ आधुनिक और functional है।
सेवा तीर्थ के शिफ्ट होने से प्रशासनिक कामकाज की गति में भी वृद्धि होगी। अब प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण सचिवालयों के बीच संचार और समन्वय अधिक सुगम हो जाएगा। अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों बढ़ाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम केवल भवन परिवर्तन नहीं है, बल्कि भारत के प्रशासनिक ढांचे में आधुनिकता और पारदर्शिता का प्रतीक भी है। नए पावर सेंटर में टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल, पर्यावरण-अनुकूल डिज़ाइन और स्मार्ट सुरक्षा उपाय इसे न केवल कार्यात्मक बल्कि दर्शनीय भी बनाते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि सेवा तीर्थ आधुनिक प्रशासन की नई पहचान है और यह देश के प्रशासनिक कार्यों को और प्रभावी बनाएगा। उद्घाटन के मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी मौजूद थे।
इस तरह लगभग 9 दशकों तक देश का सत्ता केंद्र रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक से सेवा तीर्थ की वास्तुकला और डिज़ाइन पूरी तरह भिन्न है। नया पावर सेंटर आधुनिक प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ भविष्य में भी प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाए रखने में मदद करेगा।
कुल मिलाकर, सेवा तीर्थ भारत के प्रशासनिक ढांचे में आधुनिकता, सुरक्षा और पर्यावरण अनुकूल डिज़ाइन का प्रतीक बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री कार्यालय का यह नया परिसर न केवल आधुनिक तकनीक और सुविधाओं से लैस है बल्कि भारत के प्रशासनिक भविष्य की दिशा भी तय करता है।