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एआई से रोजगार बढ़ेंगे
एआई से नौकरियां दोगुनी होने का दावा
इंडिया टुडे एआई समिट में जितिन प्रसाद बोले, एआई से नौकरियां घटेंगी नहीं बल्कि बढ़ेंगी
18 Feb 2026, 12:11 PM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
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New Delhi नई दिल्ली। राजधानी में आयोजित India Today AI Summit के दौरान केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि एआई के आने से नौकरियां कम नहीं होंगी, बल्कि आने वाले समय में रोजगार के अवसर दोगुने हो सकते हैं।

समिट में अपने संबोधन के दौरान मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत एआई को मानव-केंद्रित दृष्टिकोण से विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका कहना था कि एआई केवल तकनीकी प्रगति का माध्यम नहीं, बल्कि यह देश के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को मजबूत करने का साधन भी है। उन्होंने कहा कि हेल्थ, एजुकेशन, एग्रीकल्चर और गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में एआई का सकारात्मक प्रभाव पहले से दिखाई देने लगा है।

नौकरियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर उठ रहे सवालों पर मंत्री ने कहा कि जब भी नई तकनीक आती है, शुरुआती दौर में आशंकाएं पैदा होती हैं। इतिहास गवाह है कि औद्योगिक क्रांति से लेकर कंप्यूटर युग तक हर नई तकनीक ने रोजगार की प्रकृति बदली है, लेकिन कुल अवसरों में वृद्धि ही की है। उन्होंने कहा कि एआई भी नए स्किल्स और नए सेक्टर तैयार करेगा, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर खुलेंगे।

जितिन प्रसाद ने स्टार्टअप इकोसिस्टम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का स्टार्टअप सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और सरकार एआई आधारित इनोवेशन को प्रोत्साहन दे रही है। रिसर्च, स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के जरिए देश को वैश्विक एआई हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने यह भी कहा कि समिट में शामिल वैश्विक टेक कंपनियां और लीडर्स भारत की क्षमता को पहचानते हैं। वे यहां केवल भागीदारी के लिए नहीं, बल्कि निवेश और साझेदारी की संभावनाएं तलाशने आए हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत एआई के क्षेत्र में तेजी से उभरती ताकत बन रहा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई का उद्देश्य मानव श्रम को खत्म करना नहीं, बल्कि उसे अधिक उत्पादक बनाना है। सही नीतियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यबल को नई तकनीक के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

समिट में उद्योग जगत, नीति-निर्माताओं और टेक विशेषज्ञों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि भारत एआई को लेकर दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है। रोजगार, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा—तीनों मोर्चों पर एआई को विकास के इंजन के रूप में देखा जा रहा है।