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बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर रोक
कर्नाटक सरकार का बड़ा फैसला, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की तैयारी
06 Mar 2026, 05:10 PM Karnataka - Bangalore Rural
Reporter : Mahesh Sharma
Bangalore Rural

बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नया कदम

कर्नाटक सरकार ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक अहम पहल की घोषणा की है। राज्य सरकार 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा एक कार्यक्रम के दौरान करते हुए कहा कि बच्चों के मानसिक विकास और पढ़ाई पर सोशल मीडिया का असर लगातार बढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि कम उम्र में अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

देश में पहला राज्य बन सकता है कर्नाटक

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो कर्नाटक बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को लेकर सख्त नीति अपनाने वाला देश का पहला राज्य बन सकता है। सरकार इस कदम के जरिए यह सुनिश्चित करना चाहती है कि कम उम्र के बच्चे डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रहें। हाल के वर्षों में कई विशेषज्ञों और अभिभावकों ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया की लत बच्चों की पढ़ाई और सामाजिक जीवन दोनों को प्रभावित कर रही है।

सरकार पहले से कर रही थी नीति पर विचार

राज्य सरकार में बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच को नियंत्रित करने के विचार पर काफी समय से चर्चा चल रही थी। सूचना प्रौद्योगिकी और शिक्षा से जुड़े विभाग इस विषय पर विभिन्न सुझावों और संभावित उपायों पर काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, इस नीति का उद्देश्य पूरी तरह प्रतिबंध लगाना नहीं बल्कि बच्चों को सुरक्षित और जिम्मेदार डिजिटल माहौल उपलब्ध कराना है। इसके लिए तकनीकी और कानूनी दोनों पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने भी जताई चिंता

राज्य के कई जनप्रतिनिधियों और शिक्षा विशेषज्ञों ने भी बच्चों में बढ़ते सोशल मीडिया उपयोग पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि कम उम्र के बच्चे अक्सर बिना किसी निगरानी के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, जिससे उन्हें कई तरह की गलत और भ्रामक जानकारी मिल सकती है। इसके अलावा ऑनलाइन गेम्स और सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने से पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। इसलिए इस मुद्दे पर सख्त और स्पष्ट नियम बनाने की जरूरत बताई गई।

शिक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता असर

विशेषज्ञों के अनुसार, कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। लगातार स्क्रीन पर समय बिताने से बच्चों की एकाग्रता कम हो जाती है और उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। इसके साथ ही ऑनलाइन ट्रोलिंग, साइबर बुलिंग और अनुचित कंटेंट जैसी समस्याएं भी सामने आती हैं। ऐसे में सरकार का मानना है कि एक निश्चित उम्र तक सोशल मीडिया के उपयोग को सीमित करना बच्चों के हित में हो सकता है।

नीति लागू करने पर बन सकते हैं नए नियम

सरकार द्वारा प्रस्तावित इस कदम को लागू करने के लिए कुछ नए नियम और दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। इनमें आयु सत्यापन प्रणाली, अभिभावकों की अनुमति और प्लेटफॉर्म स्तर पर नियंत्रण जैसे उपाय शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह नीति प्रभावी ढंग से लागू की जाती है तो यह बच्चों के सुरक्षित डिजिटल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। साथ ही अन्य राज्यों के लिए भी यह एक उदाहरण बन सकता है।