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फैक्ट्री में भीषण आग
खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सुबह बड़ा अग्निकांड हुआ
भिवाड़ी केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग, सात मजदूर जिंदा जले, इलाके में शोक
16 Feb 2026, 11:39 AM
Rajasthan -
Bhiwadi
Reporter :
Mahesh Sharma
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Bhiwadi राजस्थान के भिवाड़ी स्थित खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक केमिकल फैक्ट्री में भीषण आग लगने से सात मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई। आग इतनी तेज थी कि कर्मचारियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला और वे अंदर ही फंस गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के प्लॉट नंबर क्षेत्र में स्थित इकाई में सुबह अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि आग लगते ही फैक्ट्री के अंदर धुआं भर गया और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायन मौजूद थे। आग की तीव्रता के कारण विस्फोट जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी दहशत फैल गई। एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सात कर्मचारियों के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, सभी मजदूर आग की चपेट में आने से जिंदा जल गए। इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
आग लगने के कारणों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या रासायनिक प्रतिक्रिया की जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और आपातकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के प्लॉट नंबर क्षेत्र में स्थित इकाई में सुबह अचानक आग भड़क उठी। बताया जा रहा है कि आग लगते ही फैक्ट्री के अंदर धुआं भर गया और कुछ ही मिनटों में लपटों ने पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का अभियान शुरू किया गया।
दमकल कर्मियों को आग पर काबू पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि फैक्ट्री में ज्वलनशील रसायन मौजूद थे। आग की तीव्रता के कारण विस्फोट जैसी आवाजें भी सुनाई दीं, जिससे आसपास की अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी दहशत फैल गई। एहतियात के तौर पर आसपास की फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान सात कर्मचारियों के शव बरामद किए गए। प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, सभी मजदूर आग की चपेट में आने से जिंदा जल गए। इस दर्दनाक हादसे से मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
आग लगने के कारणों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या रासायनिक प्रतिक्रिया की जताई जा रही है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। पुलिस और फोरेंसिक विशेषज्ञ मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं, इसकी भी जांच की जाएगी। यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केमिकल फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और आपातकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए, ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
फिलहाल आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है, लेकिन हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। प्रशासन ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।