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एयरपोर्ट पर ड्रोन अलर्ट
निर्माणाधीन एयरपोर्ट के ऊपर लगातार दिखे अज्ञात ड्रोन
जेवर एयरपोर्ट नो-फ्लाई ज़ोन में तीन दिन से संदिग्ध ड्रोन, एजेंसियां सतर्क
17 Feb 2026, 11:56 AM
Uttar Pradesh -
Jewar
Reporter :
Mahesh Sharma
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Jewar उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ऊपर पिछले तीन दिनों से संदिग्ध ड्रोन उड़ने की घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। यह एयरपोर्ट जेवर क्षेत्र में बन रहा है और इसे देश की महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं में गिना जा रहा है। ऐसे में नो-फ्लाई ज़ोन के भीतर ड्रोन की मौजूदगी को गंभीर सुरक्षा उल्लंघन माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा देख रही निजी एजेंसी के कर्मचारियों ने रात के समय आसमान में ड्रोन जैसी गतिविधि देखी। लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग समय पर उड़ते हुए ड्रोन दिखाई दिए, जिसके बाद एजेंसी के सुपरवाइजर ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
जेवर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र को पहले से ही नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है, जहां बिना अनुमति किसी भी प्रकार की ड्रोन उड़ान पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में यह घटना सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि ड्रोन किस उद्देश्य से उड़ाए गए। आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन से निर्माण कार्य या सुरक्षा व्यवस्था की रेकी की जा सकती है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले को संवेदनशील मानते हुए केंद्रीय एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और ड्रोन की संभावित लॉन्चिंग साइट की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और एंटी-ड्रोन तकनीक के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ विकसित की जा रही है और इसके संचालन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को बड़ी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील और रणनीतिक महत्व के स्थलों के आसपास ड्रोन गतिविधियों पर सख्त निगरानी जरूरी है। हाल के वर्षों में ड्रोन तकनीक के सुलभ होने से सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, एयरपोर्ट क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
मिली जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट परिसर की सुरक्षा देख रही निजी एजेंसी के कर्मचारियों ने रात के समय आसमान में ड्रोन जैसी गतिविधि देखी। लगातार तीन दिनों तक अलग-अलग समय पर उड़ते हुए ड्रोन दिखाई दिए, जिसके बाद एजेंसी के सुपरवाइजर ने स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी।
जेवर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एयरपोर्ट क्षेत्र को पहले से ही नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है, जहां बिना अनुमति किसी भी प्रकार की ड्रोन उड़ान पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे में यह घटना सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का स्पष्ट मामला है।
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि ड्रोन किस उद्देश्य से उड़ाए गए। आशंका जताई जा रही है कि ड्रोन से निर्माण कार्य या सुरक्षा व्यवस्था की रेकी की जा सकती है। हालांकि अभी तक किसी संदिग्ध गतिविधि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामले को संवेदनशील मानते हुए केंद्रीय एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है।
पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और ड्रोन की संभावित लॉन्चिंग साइट की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और एंटी-ड्रोन तकनीक के उपयोग पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परियोजना को लेकर पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। यह परियोजना अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं के साथ विकसित की जा रही है और इसके संचालन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को बड़ी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील और रणनीतिक महत्व के स्थलों के आसपास ड्रोन गतिविधियों पर सख्त निगरानी जरूरी है। हाल के वर्षों में ड्रोन तकनीक के सुलभ होने से सुरक्षा एजेंसियों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं।
फिलहाल पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच में जुटी हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, एयरपोर्ट क्षेत्र में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।