Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
आईएएस सस्पेंड
पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी स्मार्टफोन वितरण में आईएएस अधिकारियों को निलंबित किया
पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी योजना में देरी पर दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड
08 Feb 2026, 11:14 AM
Punjab -
Faridkot
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Faridkot पंजाब सरकार ने आंगनवाड़ी योजना के सुचारू क्रियान्वयन में देरी और लापरवाही के चलते दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई केंद्र सरकार की सक्षम आंगनवाड़ी मिशन के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने में देरी के कारण की गई।
सूत्रों ने बताया कि आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह की जिम्मेदारी थी कि वे राज्यभर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन समय पर उपलब्ध कराएं। लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और अधिकारियों की अनदेखी के कारण लाभार्थियों तक सुविधा नहीं पहुंच पाई। इस पर पंजाब सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
सस्पेंशन के बाद आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि उनका कार्यभार यह सुनिश्चित करना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन समय पर मिलें और योजना का लाभ लाभार्थियों तक पहुंच सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य अन्य अधिकारियों के लिए भी संदेश देना है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंगनवाड़ी योजना के तहत स्मार्टफोन वितरण बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों ने कहा कि योजना में देरी से कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और बच्चों के कल्याण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए समय पर स्मार्टफोन वितरण सुनिश्चित करना आवश्यक था। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और किसी भी तरह की अनदेखी न हो।
इसके अलावा, अधिकारियों के सस्पेंशन के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि योजना की सही समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए आगे की निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी। यह कदम यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में गंभीर है।
राज्य प्रशासन का यह सख्त निर्णय योजना के सुचारू क्रियान्वयन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के समय पर जवाबदेही न निभाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम सरकारी योजनाओं में जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रशासन किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा।
सूत्रों ने बताया कि आईएएस अधिकारी कमल किशोर यादव और जसप्रीत सिंह की जिम्मेदारी थी कि वे राज्यभर में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन समय पर उपलब्ध कराएं। लेकिन योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी और अधिकारियों की अनदेखी के कारण लाभार्थियों तक सुविधा नहीं पहुंच पाई। इस पर पंजाब सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए दोनों अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
सस्पेंशन के बाद आईएएस अधिकारी गुरकीरत किरपाल सिंह को उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और सामाजिक सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार का कहना है कि उनका कार्यभार यह सुनिश्चित करना है कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन समय पर मिलें और योजना का लाभ लाभार्थियों तक पहुंच सके।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य अन्य अधिकारियों के लिए भी संदेश देना है कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आंगनवाड़ी योजना के तहत स्मार्टफोन वितरण बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य पर निगरानी के लिए महत्वपूर्ण है।
विशेषज्ञों ने कहा कि योजना में देरी से कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और बच्चों के कल्याण पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए समय पर स्मार्टफोन वितरण सुनिश्चित करना आवश्यक था। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाएं और किसी भी तरह की अनदेखी न हो।
इसके अलावा, अधिकारियों के सस्पेंशन के आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि योजना की सही समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए आगे की निगरानी और जवाबदेही तय की जाएगी। यह कदम यह दर्शाता है कि पंजाब सरकार सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने में गंभीर है।
राज्य प्रशासन का यह सख्त निर्णय योजना के सुचारू क्रियान्वयन और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों के समय पर जवाबदेही न निभाने की स्थिति में सख्त कार्रवाई करना प्रशासन की प्राथमिकता बन गई है।
कुल मिलाकर, पंजाब सरकार का यह कदम सरकारी योजनाओं में जवाबदेही और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। यह दर्शाता है कि सरकारी योजनाओं के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए प्रशासन किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगा।