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द्वारिका योजना की घोषणा
तीन साल में शहरों पर बड़ा निवेश
एमपी बजट में द्वारिका से शहर विकास, यशोदा से बच्चों पोषण पर जोर
19 Feb 2026, 10:57 AM
Madhya Pradesh -
Bhopal
Reporter :
Mahesh Sharma
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Bhopal मध्य प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश होते ही राज्य की विकास प्राथमिकताएं स्पष्ट हो गईं। सरकार ने इस बार शहरी बुनियादी ढांचे और बच्चों के पोषण को केंद्र में रखते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। बजट में सांस्कृतिक प्रतीकों और विकास योजनाओं का अनोखा संगम देखने को मिला।
वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट में ‘द्वारिका योजना’ की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत अगले तीन वर्षों में करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च कर शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। सड़कों, जल निकासी, पेयजल, स्मार्ट सुविधाओं और नगरीय सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरों को व्यवस्थित और आधुनिक बनाना है।
इसके साथ ही बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए ‘यशोदा योजना’ की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक दूध और अन्य पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बजट भाषण के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि जैसे माता यशोदा ने भगवान कृष्ण का लालन-पालन किया, उसी भावना से राज्य के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है।
गौरतलब है कि राज्य में पहले से ‘Mukhyamantri Vrindavan Gram Yojana’ लागू है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में घोषित योजनाएं राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय कर सकती हैं। जहां ‘द्वारिका योजना’ शहरी क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, वहीं ‘यशोदा योजना’ बच्चों के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाने में मददगार साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, इस बजट में विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को जोड़ने का प्रयास दिखा। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में राज्य का विकास मॉडल परंपरा और आधुनिकता के संतुलन पर आधारित होगा।
वित्त मंत्री द्वारा पेश बजट में ‘द्वारिका योजना’ की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत अगले तीन वर्षों में करीब 5000 करोड़ रुपये खर्च कर शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। सड़कों, जल निकासी, पेयजल, स्मार्ट सुविधाओं और नगरीय सेवाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच शहरों को व्यवस्थित और आधुनिक बनाना है।
इसके साथ ही बच्चों के पोषण को ध्यान में रखते हुए ‘यशोदा योजना’ की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक दूध और अन्य पोषण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बजट भाषण के बाद मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने कहा कि जैसे माता यशोदा ने भगवान कृष्ण का लालन-पालन किया, उसी भावना से राज्य के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि विकास केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है।
गौरतलब है कि राज्य में पहले से ‘Mukhyamantri Vrindavan Gram Yojana’ लागू है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में समग्र विकास सुनिश्चित करना है। इस योजना के तहत गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बजट में घोषित योजनाएं राज्य के दीर्घकालिक विकास की दिशा तय कर सकती हैं। जहां ‘द्वारिका योजना’ शहरी क्षेत्रों में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाएगी, वहीं ‘यशोदा योजना’ बच्चों के स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाने में मददगार साबित हो सकती है।
कुल मिलाकर, इस बजट में विकास के साथ सांस्कृतिक पहचान को जोड़ने का प्रयास दिखा। सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में राज्य का विकास मॉडल परंपरा और आधुनिकता के संतुलन पर आधारित होगा।