Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
शोएब किदवई मुख्तार अंसारी फायरिंग हिस्ट्रीशीट वकील प्रॉपर्टी डीलर
बाराबंकी में दिनदहाड़े गैंगस्टर बॉबी की हत्या पुलिस ने हिस्ट्रीशीट सार्वजनिक की
14 Feb 2026, 11:13 AM
Uttar Pradesh -
Bara Banki
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Bara Banki बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में दिनदहाड़े हुई शोएब किदवई उर्फ बॉबी की हत्या ने एक बार फिर अपराधियों और बाहुबली नेताओं के बीच के कनेक्शन को उजागर कर दिया है। पुलिस दस्तावेजों के अनुसार, बॉबी कभी मुख्तार अंसारी के करीबी शूटर के रूप में जाना जाता था। उनका आपराधिक इतिहास लंबा और जटिल रहा है, जिसकी पड़ताल पुलिस हर एंगल से कर रही है।
शोएब किदवई की हिस्ट्रीशीट 11 फरवरी 2008 को बाराबंकी नगर कोतवाली में 5A नंबर पर खोली गई थी। इस फाइल में उनके पुराने आपराधिक मामले, दुश्मनी और गतिविधियों का पूरा ब्यौरा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, बॉबी ने वर्षों से अपने आप को बदलने की कोशिश की और प्रॉपर्टी डीलर और फिर वकील के रूप में खुद को स्थापित किया। वह नियमित रूप से लखनऊ से बाराबंकी कचहरी आते-जाते रहते थे।
हालांकि, उनका आपराधिक अतीत लगातार उनके पीछे पड़ा रहा। शुक्रवार को हुई फायरिंग में हमलावरों ने करीब 10 से 15 राउंड गोलियां चलाईं। सबसे पहले कार के अगले शीशे को निशाना बनाया गया, फिर साइड के शीशों पर गोलियां चलीं और अंत में बॉबी को सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की तीव्रता और हथियारों की संख्या देखकर पुलिस ने इसे योजनाबद्ध हत्या बताया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बॉबी की हत्या की पृष्ठभूमि में उनके पुराने दुश्मनों, आपसी रंजिश और स्थानीय गैंगस्टरों के बीच संघर्ष की जांच की जा रही है। उनका आपराधिक इतिहास इतना लंबा और जटिल है कि पुलिस सभी एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। इस घटना ने बाराबंकी में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मुद्दों को भी उजागर किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बॉबी जैसे अपराधियों का बाहुबली नेताओं के नेटवर्क से जुड़ना और फिर अपने आप को व्यवसायिक और पेशेवर रूप में प्रस्तुत करना अपराध जगत की रणनीति का हिस्सा है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों, स्थानीय गैंग और संभावित साजिशकारियों की पहचान कर रही है।
बाराबंकी पुलिस ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की निगरानी का निर्देश दिया है। अधिकारी जनता से अपील कर रहे हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत कोतवाली को दें। इस घटना ने अपराधियों की बढ़ती निर्भीकता और स्थानीय गैंगस्टर संस्कृति की गंभीरता को भी सामने रखा है।
बॉबी की हत्या न केवल बाराबंकी में अपराधियों के आपसी संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि बाहुबली नेताओं और उनके शूटरों की सक्रियता अब भी उत्तर प्रदेश में कायम है।
शोएब किदवई की हिस्ट्रीशीट 11 फरवरी 2008 को बाराबंकी नगर कोतवाली में 5A नंबर पर खोली गई थी। इस फाइल में उनके पुराने आपराधिक मामले, दुश्मनी और गतिविधियों का पूरा ब्यौरा दर्ज है। पुलिस के अनुसार, बॉबी ने वर्षों से अपने आप को बदलने की कोशिश की और प्रॉपर्टी डीलर और फिर वकील के रूप में खुद को स्थापित किया। वह नियमित रूप से लखनऊ से बाराबंकी कचहरी आते-जाते रहते थे।
हालांकि, उनका आपराधिक अतीत लगातार उनके पीछे पड़ा रहा। शुक्रवार को हुई फायरिंग में हमलावरों ने करीब 10 से 15 राउंड गोलियां चलाईं। सबसे पहले कार के अगले शीशे को निशाना बनाया गया, फिर साइड के शीशों पर गोलियां चलीं और अंत में बॉबी को सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना की तीव्रता और हथियारों की संख्या देखकर पुलिस ने इसे योजनाबद्ध हत्या बताया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बॉबी की हत्या की पृष्ठभूमि में उनके पुराने दुश्मनों, आपसी रंजिश और स्थानीय गैंगस्टरों के बीच संघर्ष की जांच की जा रही है। उनका आपराधिक इतिहास इतना लंबा और जटिल है कि पुलिस सभी एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है। इस घटना ने बाराबंकी में कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के मुद्दों को भी उजागर किया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बॉबी जैसे अपराधियों का बाहुबली नेताओं के नेटवर्क से जुड़ना और फिर अपने आप को व्यवसायिक और पेशेवर रूप में प्रस्तुत करना अपराध जगत की रणनीति का हिस्सा है। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य अपराधियों, स्थानीय गैंग और संभावित साजिशकारियों की पहचान कर रही है।
बाराबंकी पुलिस ने शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है और सभी वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले की निगरानी का निर्देश दिया है। अधिकारी जनता से अपील कर रहे हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत कोतवाली को दें। इस घटना ने अपराधियों की बढ़ती निर्भीकता और स्थानीय गैंगस्टर संस्कृति की गंभीरता को भी सामने रखा है।
बॉबी की हत्या न केवल बाराबंकी में अपराधियों के आपसी संघर्ष को दर्शाती है, बल्कि यह संकेत भी देती है कि बाहुबली नेताओं और उनके शूटरों की सक्रियता अब भी उत्तर प्रदेश में कायम है।