Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
सेंसेक्स में भारी गिरावट
बाजार गिरावट के बीच SBI ने दिखाया दम
बाजार में गिरावट के बीच SBI ने चमक दिखाई, निवेशकों को 1.22 लाख करोड़ लाभ
15 Feb 2026, 03:49 PM
Maharashtra -
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Mumbai बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। पांच कारोबारी दिनों के दौरान Bombay Stock Exchange का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों की संपत्ति में व्यापक गिरावट दर्ज की गई और कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली देखी गई।
हालांकि इस गिरावट के बीच देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक State Bank of India (SBI) ने मजबूती का परिचय दिया। बाजार में जारी कमजोरी के बावजूद एसबीआई के शेयरों में तेजी रही, जिससे निवेशकों को महज पांच दिनों में लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। यह प्रदर्शन तब आया जब अधिकांश ब्लू-चिप कंपनियां दबाव में थीं।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys के शेयरों में भी कमजोरी रही। वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने बाजार के रुख को प्रभावित किया।
विश्लेषकों के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में कुछ सकारात्मक संकेतों ने एसबीआई के शेयरों को समर्थन दिया। मजबूत तिमाही नतीजे, एनपीए में सुधार और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके अलावा, सरकारी नीतिगत समर्थन और बुनियादी ढांचे में बढ़ते निवेश से भी सार्वजनिक बैंकों को मजबूती मिल रही है।
एसबीआई के अलावा कुछ अन्य कंपनियों ने भी गिरते बाजार में निवेशकों को राहत दी। वित्तीय क्षेत्र की कंपनी Bajaj Finance के शेयरों में भी मजबूती देखी गई। हालांकि व्यापक बाजार दबाव में रहा, लेकिन चुनिंदा शेयरों में आई तेजी ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को आंशिक सहारा दिया।
कुल मिलाकर, बीते सप्ताह बाजार का रुख नकारात्मक रहा, लेकिन एसबीआई का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां कठिन परिस्थितियों में भी निवेशकों का विश्वास बनाए रख सकती हैं। आने वाले सप्ताह में वैश्विक आर्थिक संकेतक, विदेशी पूंजी प्रवाह और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और संतुलित रणनीति अपनाने का है, क्योंकि अस्थिरता अभी बनी रह सकती है।
हालांकि इस गिरावट के बीच देश के सबसे बड़े सार्वजनिक बैंक State Bank of India (SBI) ने मजबूती का परिचय दिया। बाजार में जारी कमजोरी के बावजूद एसबीआई के शेयरों में तेजी रही, जिससे निवेशकों को महज पांच दिनों में लगभग 1.22 लाख करोड़ रुपये का फायदा हुआ। यह प्रदर्शन तब आया जब अधिकांश ब्लू-चिप कंपनियां दबाव में थीं।
देश की सबसे मूल्यवान कंपनी Reliance Industries के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इसी तरह आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) और Infosys के शेयरों में भी कमजोरी रही। वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने बाजार के रुख को प्रभावित किया।
विश्लेषकों के अनुसार, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में कुछ सकारात्मक संकेतों ने एसबीआई के शेयरों को समर्थन दिया। मजबूत तिमाही नतीजे, एनपीए में सुधार और क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीदों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके अलावा, सरकारी नीतिगत समर्थन और बुनियादी ढांचे में बढ़ते निवेश से भी सार्वजनिक बैंकों को मजबूती मिल रही है।
एसबीआई के अलावा कुछ अन्य कंपनियों ने भी गिरते बाजार में निवेशकों को राहत दी। वित्तीय क्षेत्र की कंपनी Bajaj Finance के शेयरों में भी मजबूती देखी गई। हालांकि व्यापक बाजार दबाव में रहा, लेकिन चुनिंदा शेयरों में आई तेजी ने निवेशकों के पोर्टफोलियो को आंशिक सहारा दिया।
कुल मिलाकर, बीते सप्ताह बाजार का रुख नकारात्मक रहा, लेकिन एसबीआई का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियां कठिन परिस्थितियों में भी निवेशकों का विश्वास बनाए रख सकती हैं। आने वाले सप्ताह में वैश्विक आर्थिक संकेतक, विदेशी पूंजी प्रवाह और कॉरपोरेट नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए यह समय सतर्कता और संतुलित रणनीति अपनाने का है, क्योंकि अस्थिरता अभी बनी रह सकती है।