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लालच में फंसे निवेशक
समुद्री विला के नाम पर निवेश, आरोपी ने सैकड़ों लोगों से करोड़ों ठगे
समुद्री विला का सपना दिखाकर हजार करोड़ की ठगी, गुरुग्राम से मास्टरमाइंड गिरफ्तार
07 Feb 2026, 05:10 PM
Haryana -
Gurgaon
Reporter :
Mahesh Sharma
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Gurgaon हरियाणा के गुरुग्राम से एक बेहद चौंकाने वाला आर्थिक अपराध सामने आया है, जहां समुद्री किनारों पर लग्जरी विला में निवेश का सपना दिखाकर 500 से 1000 करोड़ रुपये तक की ठगी को अंजाम दिया गया। इस हाई-प्रोफाइल फ्रॉड के मास्टरमाइंड ध्रुवदत्त शर्मा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी 32 माइलस्टोन एवेन्यू नाम की कंपनी का डायरेक्टर बताया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, ध्रुवदत्त शर्मा ने खुद को एक सफल रियल एस्टेट डेवलपर और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट के रूप में पेश किया। उसने निवेशकों को समुद्र किनारे बनाए जाने वाले लग्जरी विला, रिसॉर्ट और हाई-एंड प्रॉपर्टी में मोटे मुनाफे का लालच दिया। आकर्षक प्रेजेंटेशन, फर्जी दस्तावेज और शानदार लाइफस्टाइल दिखाकर उसने लोगों का भरोसा जीत लिया।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने निवेशकों से यह दावा किया कि उनका पैसा सुरक्षित प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा और तय समय में दोगुना रिटर्न मिलेगा। लेकिन हकीकत में न तो कोई वास्तविक प्रोजेक्ट था और न ही निवेश की रकम का सही उपयोग। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा लग्जरी कारों, विदेश यात्राओं और महंगे शौक पूरे करने में खर्च किया गया।
इस मामले की शिकायतें तब सामने आईं जब पीड़ितों को लंबे समय तक न तो रिटर्न मिला और न ही मूलधन वापस हुआ। करीब दो महीने पहले कई पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर के खुले दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी।
EOW की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही 5 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब तक 40 से 50 से ज्यादा पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और यह संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस को आशंका है कि ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
ACP विशाल के मुताबिक, आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को जाल में फंसाता था। वह बड़े निवेशकों को देखकर छोटे निवेशकों को भी भरोसे में ले लेता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी की पूरी रकम, नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला एक बार फिर निवेशकों के लिए चेतावनी है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी भी स्कीम में पैसा लगाना भारी पड़ सकता है।
पुलिस के अनुसार, ध्रुवदत्त शर्मा ने खुद को एक सफल रियल एस्टेट डेवलपर और इन्वेस्टमेंट एक्सपर्ट के रूप में पेश किया। उसने निवेशकों को समुद्र किनारे बनाए जाने वाले लग्जरी विला, रिसॉर्ट और हाई-एंड प्रॉपर्टी में मोटे मुनाफे का लालच दिया। आकर्षक प्रेजेंटेशन, फर्जी दस्तावेज और शानदार लाइफस्टाइल दिखाकर उसने लोगों का भरोसा जीत लिया।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी ने निवेशकों से यह दावा किया कि उनका पैसा सुरक्षित प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा और तय समय में दोगुना रिटर्न मिलेगा। लेकिन हकीकत में न तो कोई वास्तविक प्रोजेक्ट था और न ही निवेश की रकम का सही उपयोग। पुलिस का कहना है कि ठगी की रकम का बड़ा हिस्सा लग्जरी कारों, विदेश यात्राओं और महंगे शौक पूरे करने में खर्च किया गया।
इस मामले की शिकायतें तब सामने आईं जब पीड़ितों को लंबे समय तक न तो रिटर्न मिला और न ही मूलधन वापस हुआ। करीब दो महीने पहले कई पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर के खुले दरबार में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर विकास अरोड़ा ने जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी।
EOW की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही 5 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब तक 40 से 50 से ज्यादा पीड़ितों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और यह संख्या और बढ़ सकती है। पुलिस को आशंका है कि ठगी की रकम 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
ACP विशाल के मुताबिक, आरोपी बेहद शातिर तरीके से लोगों को जाल में फंसाता था। वह बड़े निवेशकों को देखकर छोटे निवेशकों को भी भरोसे में ले लेता था। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर ठगी की पूरी रकम, नेटवर्क और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। यह मामला एक बार फिर निवेशकों के लिए चेतावनी है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी भी स्कीम में पैसा लगाना भारी पड़ सकता है।