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राजपाल यादव आज क्यों नहीं आए जेल से बाहर, तिहाड़ में ही बितानी होगी रात, जानें वजह
राजपाल यादव को आज दिल्ली हाईकोर्ट ने 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में 18 मार्च 2026 तक अंतरिम जमानत दी, लेकिन वो आज की रात भी जेल में ही बंद रहेंगेल बॉन्ड समय से न भरने की वजह से उनकी रिहाई नहीं होगी.
16 Feb 2026, 09:55 PM
Delhi -
Delhi
Reporter :
Arun Mishra
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Delhi राजपाल यादव ने आज सुबह कानूनी दांव-पेंचों और भारी तनाव के बीच आखिरकार राहत भरी सांस ली. 9 करोड़ के चेक बाउंस मामले में एक्टर को दिल्ली हाईकोर्ट ने 18 मार्च, 2026 तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी, लेकिन इसके बावजूद वो आज रात भी जेल में ही रहेंगे. एक्टर को एक और रात जेल में ही काटनी पड़ेगी और इसकी वजह बेल बॉन्ड है. तिहाड़ सूत्रों के मुताबिक बेल बॉन्ड नहीं भर पाने की वजह से देरी होने पर राजपाल यादव को आज की रात भी तिहाड़ में बितानी होगी.
सोमवार सुबह हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट का रुख काफी कड़ा नजर आया. न्यायमूर्ति ने साफ शब्दों में कहा कि यदि राजपाल यादव को अंतरिम जमानत चाहिए, तो उन्हें दोपहर 3 बजे तक प्रतिवादी के नाम 1.5 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा. अदालत ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “यदि तय समय तक DD जमा कर दिया जाता है, तो रिहाई पर विचार किया जाएगा, अन्यथा मामले की अगली सुनवाई कल होगी. आखिरकार एक्टर को 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई.
क्या है 9 करोड़ के चेक बाउंस का मामला?
राजपाल यादव जिस मामले में पिछले 11 दिनों से हवालात में बंद हैं वो काफी साल पुराना केस है. साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ रुपए का लोन लिया था. समझौते के अनुसार उन्हें तय समय में पैसा वापस करना था. जब कंपनी ने पैसा वापस मांगा, तो राजपाल यादव की ओर से कई चेक दिए गए, लेकिन वो चेक बाउंस हो गए. लगातार चेक बाउंस होने के बाद कंपनी ने Negotiable Instruments Act (धारा 138) के तहत कोर्ट में केस दर्ज कराया.
कैसे बढ़ा मामला?
एक्टर ने 5 करोड़ का लोन लिया था, लेकिन समय के साथ इस रकम में ब्याज जुड़ता गया जिससे ये बढ़कर 9 करोड़ रुपए हो गया. साल 2018 में इस मामले ने तूल पकड़ा था जब दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी को 3 महीने की जेल की सजा सुनाई थी. इसके बाद एक्टर और उनकी पत्नी ने समय-समय पर ब्याज भरने का आश्वासन दिया और मामले की सुनवाई जारी रही.
सोमवार सुबह हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट का रुख काफी कड़ा नजर आया. न्यायमूर्ति ने साफ शब्दों में कहा कि यदि राजपाल यादव को अंतरिम जमानत चाहिए, तो उन्हें दोपहर 3 बजे तक प्रतिवादी के नाम 1.5 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा. अदालत ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा, “यदि तय समय तक DD जमा कर दिया जाता है, तो रिहाई पर विचार किया जाएगा, अन्यथा मामले की अगली सुनवाई कल होगी. आखिरकार एक्टर को 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी गई.
क्या है 9 करोड़ के चेक बाउंस का मामला?
राजपाल यादव जिस मामले में पिछले 11 दिनों से हवालात में बंद हैं वो काफी साल पुराना केस है. साल 2010 में राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए 5 करोड़ रुपए का लोन लिया था. समझौते के अनुसार उन्हें तय समय में पैसा वापस करना था. जब कंपनी ने पैसा वापस मांगा, तो राजपाल यादव की ओर से कई चेक दिए गए, लेकिन वो चेक बाउंस हो गए. लगातार चेक बाउंस होने के बाद कंपनी ने Negotiable Instruments Act (धारा 138) के तहत कोर्ट में केस दर्ज कराया.
कैसे बढ़ा मामला?
एक्टर ने 5 करोड़ का लोन लिया था, लेकिन समय के साथ इस रकम में ब्याज जुड़ता गया जिससे ये बढ़कर 9 करोड़ रुपए हो गया. साल 2018 में इस मामले ने तूल पकड़ा था जब दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी को 3 महीने की जेल की सजा सुनाई थी. इसके बाद एक्टर और उनकी पत्नी ने समय-समय पर ब्याज भरने का आश्वासन दिया और मामले की सुनवाई जारी रही.