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साउथ ब्लॉक को अलविदा
80 साल पुराना, अंतिम बैठक, पीएमओ नई इमारत सेवा तीर्थ
साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक, पीएमओ अब नए सेवा तीर्थ भवन में स्थानांतरित होगा
12 Feb 2026, 10:21 AM
Delhi -
New Delhi
Reporter :
Mahesh Sharma
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New Delhi नई दिल्ली। इस शुक्रवार को साउथ ब्लॉक में होने वाली कैबिनेट बैठक ऐतिहासिक महत्व की होगी। यह भवन लगभग 80 साल से केंद्र सरकार का प्रशासनिक केंद्र रहा है और अब यह अंतिम कैबिनेट बैठक के लिए तैयार है। इसके बाद प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को नए परिसर ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित किया जाएगा।
साउथ ब्लॉक स्वतंत्रता के बाद बने प्रमुख प्रशासनिक भवनों में शामिल है। इस इमारत ने दशकों तक नीति निर्माण, प्रशासनिक फैसलों और महत्वपूर्ण सरकारी निर्णयों का केंद्र होने का गौरव हासिल किया। कई प्रधानमंत्रियों की कैबिनेट बैठकें यहीं आयोजित हुईं और कई ऐतिहासिक निर्णय इसी भवन में लिए गए।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार की बैठक केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से साउथ ब्लॉक को अलविदा कहने का अवसर भी होगा। इस अंतिम बैठक में भवन में किए गए वर्षों के प्रशासनिक कार्यों का मूल्यांकन और समीक्षा की जाएगी।
‘सेवा तीर्थ’ का निर्माण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। नया परिसर आधुनिक तकनीकी उपकरणों और सुरक्षा प्रोटोकॉल से सुसज्जित है। इसके डिज़ाइन में ऊर्जा दक्षता, डिजिटल सुविधा और कर्मचारियों की सुविधा को प्रमुखता दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साउथ ब्लॉक का स्थानांतरण भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। इस भवन ने दशकों तक प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों में केंद्रीय भूमिका निभाई। वहीं, ‘सेवा तीर्थ’ भविष्य के प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि अंतिम बैठक में साउथ ब्लॉक के कार्यों की समीक्षा होगी और नए भवन में आने वाले प्रशासनिक प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत अन्य सरकारी भवनों का निर्माण भी जारी है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वास्तुशिल्प विशेषज्ञों ने नई इमारतों की डिज़ाइन तैयार की है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों को आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल तकनीक से लैस करना है।
इस प्रकार, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक प्रशासनिक इतिहास में एक युग का अंत और ‘सेवा तीर्थ’ के साथ नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन रही है।
साउथ ब्लॉक स्वतंत्रता के बाद बने प्रमुख प्रशासनिक भवनों में शामिल है। इस इमारत ने दशकों तक नीति निर्माण, प्रशासनिक फैसलों और महत्वपूर्ण सरकारी निर्णयों का केंद्र होने का गौरव हासिल किया। कई प्रधानमंत्रियों की कैबिनेट बैठकें यहीं आयोजित हुईं और कई ऐतिहासिक निर्णय इसी भवन में लिए गए।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार की बैठक केवल औपचारिक नहीं होगी, बल्कि प्रतीकात्मक रूप से साउथ ब्लॉक को अलविदा कहने का अवसर भी होगा। इस अंतिम बैठक में भवन में किए गए वर्षों के प्रशासनिक कार्यों का मूल्यांकन और समीक्षा की जाएगी।
‘सेवा तीर्थ’ का निर्माण सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत किया गया है। इस परियोजना पर लगभग 1,189 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। नया परिसर आधुनिक तकनीकी उपकरणों और सुरक्षा प्रोटोकॉल से सुसज्जित है। इसके डिज़ाइन में ऊर्जा दक्षता, डिजिटल सुविधा और कर्मचारियों की सुविधा को प्रमुखता दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि साउथ ब्लॉक का स्थानांतरण भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण है। इस भवन ने दशकों तक प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों में केंद्रीय भूमिका निभाई। वहीं, ‘सेवा तीर्थ’ भविष्य के प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने का प्रतीक है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों ने कहा कि अंतिम बैठक में साउथ ब्लॉक के कार्यों की समीक्षा होगी और नए भवन में आने वाले प्रशासनिक प्रोजेक्ट्स की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत अन्य सरकारी भवनों का निर्माण भी जारी है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय वास्तुशिल्प विशेषज्ञों ने नई इमारतों की डिज़ाइन तैयार की है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों को आधुनिक सुविधाओं और डिजिटल तकनीक से लैस करना है।
इस प्रकार, साउथ ब्लॉक में आखिरी कैबिनेट बैठक प्रशासनिक इतिहास में एक युग का अंत और ‘सेवा तीर्थ’ के साथ नए युग की शुरुआत का प्रतीक बन रही है।