Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
राजपाल यादव तिहाड़ अनुभव साझा
राजपाल यादव तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर।
राजपाल यादव ने तिहाड़ में 12 दिन बिताए, CM से मदद की अपील की
18 Feb 2026, 01:23 PM Delhi - New Delhi
Reporter : Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT Sponsored
Ad
Open
New Delhi बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव 17 फरवरी को तिहाड़ जेल से अंतरिम जमानत पर बाहर आए। 5 फरवरी को उन्हें चेक बाउंस मामले में कर्ज की बकाया राशि न चुका पाने के कारण गिरफ्तार किया गया था। जेल में बिताए गए 12 दिनों के दौरान राजपाल ने अपने अनुभव के बारे में मीडिया से बातचीत की।

राजपाल यादव ने बताया कि तिहाड़ जेल का खाना और व्यवस्था अच्छी है। उन्होंने कहा कि जेल में रोजाना का रूटीन अनुशासन और समयबद्ध तरीके से चलता है। राजपाल ने यह भी साझा किया कि जेल में रहते हुए उन्होंने अपने समय का सदुपयोग करने की कोशिश की और इंडस्ट्री के सहयोग और शुभकामनाओं से उन्हें मानसिक सहारा मिला।

इंटरव्यू के दौरान राजपाल ने अपनी आर्थिक स्थिति और कर्ज से जुड़े दबाव के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे मनोरंजन इंडस्ट्री में काम करते हैं और आमदनी के स्रोत मौजूद हैं, लेकिन कभी-कभी परिस्थितियां मुश्किल हो जाती हैं। राजपाल ने खुद को “अंदर से किसान” बताते हुए कहा कि कठिन समय में धैर्य और समझदारी से काम लेना जरूरी है।

इस बीच, उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मदद की अपील की। राजपाल ने कहा कि एक गलती के कारण उनकी जिंदगी मुश्किल में पड़ गई है और प्रशासन से उचित सहयोग की उम्मीद रखते हैं। इंडस्ट्री के कई साथी भी उनकी मदद के लिए आगे आए और उनका समर्थन किया।

जेल अनुभव के बारे में पूछे जाने पर राजपाल ने मीडिया से विनम्र और संतुलित तरीके से बातचीत की। उन्होंने जेल में अनुशासन, समयबद्ध रूटीन और साफ-सफाई की प्रशंसा की। उनका कहना था कि इस अनुभव से उन्हें जीवन में अनुशासन और धैर्य का महत्व समझ में आया।

राजपाल यादव के परिवार, दोस्तों और फैंस ने सोशल मीडिया पर उनकी स्वस्थ वापसी और जल्द राहत की कामना की। इंडस्ट्री के लोग उनके समर्थन में लगातार दुआ कर रहे हैं। यह मामला सिर्फ राजपाल यादव का व्यक्तिगत अनुभव नहीं है, बल्कि बॉलीवुड में कलाकारों की आर्थिक और कानूनी चुनौतियों को भी उजागर करता है।

अंततः राजपाल यादव ने यह संदेश दिया कि कठिनाई चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण से उसका सामना किया जा सकता है। उनकी अपील और अनुभव दर्शाते हैं कि सामाजिक और प्रशासनिक समर्थन इस तरह की परिस्थितियों में बेहद महत्वपूर्ण होता है।