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पानी भरते ही टंकी दरकी
विधायक ने मंत्री से की थी शिकायत
महोबा में करोड़ों की जल टंकी भरी तो फटी, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
16 Feb 2026, 12:03 PM
Uttar Pradesh -
Mahoba
Reporter :
Mahesh Sharma
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Mahoba उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में सरकारी पेयजल योजना के तहत बनी एक पानी की टंकी में दरार पड़ने से निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जैतपुर ब्लॉक के नगारा डांग गांव में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह टंकी पहली बार पूरी तरह भरते ही दरक गई। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और प्रशासन से जांच की मांग तेज हो गई है।
यह टंकी केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही टंकी को पहली बार पूरी क्षमता तक भरा गया, उसकी दीवारों में दरारें साफ दिखाई देने लगीं। कुछ स्थानों से पानी का रिसाव भी देखा गया। इससे न केवल योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा हाल ही में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से योजना में अनियमितताओं की शिकायत किए जाने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि विधायक ने ‘हर घर नल’ योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ियों को लेकर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया था। अब टंकी में आई दरार को उसी शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।
नगारा डांग की ग्राम प्रधान ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी गई है और तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करती है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और योजना का लाभ सुरक्षित तरीके से उन्हें मिल सकेगा। फिलहाल टंकी की स्थिति को देखते हुए एहतियातन जल भराव रोक दिया गया है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
यह टंकी केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के जरिए शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जैसे ही टंकी को पहली बार पूरी क्षमता तक भरा गया, उसकी दीवारों में दरारें साफ दिखाई देने लगीं। कुछ स्थानों से पानी का रिसाव भी देखा गया। इससे न केवल योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, बल्कि ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत द्वारा हाल ही में प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से योजना में अनियमितताओं की शिकायत किए जाने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि विधायक ने ‘हर घर नल’ योजना के क्रियान्वयन में गड़बड़ियों को लेकर मंत्री का ध्यान आकर्षित किया था। अब टंकी में आई दरार को उसी शिकायत से जोड़कर देखा जा रहा है।
नगारा डांग की ग्राम प्रधान ने भी जिलाधिकारी को पत्र भेजकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी गई है और तकनीकी टीम द्वारा निरीक्षण की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच की खाई को उजागर करती है। ग्रामीणों को अब उम्मीद है कि जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और योजना का लाभ सुरक्षित तरीके से उन्हें मिल सकेगा। फिलहाल टंकी की स्थिति को देखते हुए एहतियातन जल भराव रोक दिया गया है और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।