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₹2000 की आर्थिक सहायता
ई-केवाईसी पूरा न करने पर भुगतान अटक सकता
पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जल्द, किसानों को KYC अनिवार्य
16 Feb 2026, 05:20 PM
Madhya Pradesh -
Bhopal
Reporter :
Mahesh Sharma
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Bhopal देशभर के किसान Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi (पीएम-किसान) की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। प्रत्येक किस्त के रूप में 2,000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से अभी 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि फरवरी या मार्च 2026 में यह राशि जारी की जा सकती है। इससे पहले 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को किसानों के खातों में भेजी गई थी।
योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें। सरकार का कहना है कि यह सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है।
हालांकि, इस बार किसानों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं किया है, उनकी किस्त अटक सकती है या भुगतान रोका भी जा सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें।
केवाईसी कराने के लिए किसान पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘e-KYC’ विकल्प चुन सकते हैं। आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत होती है, वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए केवाईसी अपडेट करा सकते हैं।
पात्रता की बात करें तो सभी छोटे और सीमांत किसान परिवार, जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज है, इस योजना के लाभार्थी हो सकते हैं। हालांकि आयकरदाता, संस्थागत भूमिधारक और कुछ अन्य श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का व्यापक असर देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मिलने वाली यह सहायता राशि किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होती है, खासकर बुवाई और फसल तैयार करने के मौसम में।
अब किसानों की नजर सरकार की अगली घोषणा पर टिकी है। यदि सभी औपचारिकताएं पूरी हैं और केवाईसी अपडेट है, तो जल्द ही 2,000 रुपये की 22वीं किस्त किसानों के खातों में पहुंच सकती है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से अभी 22वीं किस्त की आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि फरवरी या मार्च 2026 में यह राशि जारी की जा सकती है। इससे पहले 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को किसानों के खातों में भेजी गई थी।
योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे बीज, खाद, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों को समय पर पूरा कर सकें। सरकार का कहना है कि यह सहायता सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका खत्म होती है।
हालांकि, इस बार किसानों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन किसानों ने अभी तक केवाईसी अपडेट नहीं किया है, उनकी किस्त अटक सकती है या भुगतान रोका भी जा सकता है। इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर लें।
केवाईसी कराने के लिए किसान पीएम-किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘e-KYC’ विकल्प चुन सकते हैं। आधार नंबर दर्ज कर ओटीपी के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। जिन किसानों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत होती है, वे अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए केवाईसी अपडेट करा सकते हैं।
पात्रता की बात करें तो सभी छोटे और सीमांत किसान परिवार, जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन दर्ज है, इस योजना के लाभार्थी हो सकते हैं। हालांकि आयकरदाता, संस्थागत भूमिधारक और कुछ अन्य श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना का व्यापक असर देखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर मिलने वाली यह सहायता राशि किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होती है, खासकर बुवाई और फसल तैयार करने के मौसम में।
अब किसानों की नजर सरकार की अगली घोषणा पर टिकी है। यदि सभी औपचारिकताएं पूरी हैं और केवाईसी अपडेट है, तो जल्द ही 2,000 रुपये की 22वीं किस्त किसानों के खातों में पहुंच सकती है।