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छात्राओं ने दीवार कूदी
परीक्षा केंद्र गेट बंद, छात्राओं ने जोखिम उठाकर प्रवेश किया
गोपालगंज में परीक्षा गेट बंद, छात्राओं ने दीवार कूदकर पहुंचाई परीक्षा केंद्र में
17 Feb 2026, 12:09 PM
Bihar -
Gopalganj
Reporter :
Mahesh Sharma
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Gopalganj बिहार के गोपालगंज जिले से परीक्षा केंद्र की सुरक्षा और सख्ती को लेकर हैरान करने वाली घटना सामने आई है। जिले के व्हीएम इंटर कॉलेज में मैट्रिक परीक्षा के पहले दिन कई छात्र-छात्राओं को परीक्षा केंद्र के गेट बंद होने के कारण प्रवेश नहीं दिया गया। निर्धारित समय से देरी होने के कारण यह सख्ती बरती गई, लेकिन इससे परीक्षार्थियों की परेशानी बढ़ गई।
सूत्रों के अनुसार, छात्राओं ने गेट पर देर से पहुंचने के बावजूद परीक्षा में शामिल होने की पूरी कोशिश की। जब उन्हें प्रवेश नहीं मिला, तो कुछ परीक्षार्थियों ने जोखिम उठाते हुए परीक्षा केंद्र की दीवार कूदकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान कुछ अभिभावक भी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने अपने बच्चों की मदद की।
गोपालगंज में इस बार कुल 35 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र में परीक्षार्थियों की उपस्थिति और समय पालन पर विशेष ध्यान रखा गया था। परीक्षा प्राधिकरण ने निर्देश दिया था कि छात्र और छात्राएं परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचे। इसके बावजूद कुछ छात्र देर से पहुंचे, जिससे उन्हें प्रवेश में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्राएं किस तरह दीवार कूदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रही हैं। यह दृश्य न केवल सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है, बल्कि यह इस बात को भी उजागर करता है कि छात्रों की परीक्षा के प्रति उत्सुकता और दबाव कितना अधिक है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि यह स्थिति व्यवस्था और नियमों के पालन के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाती है। अगर गेट समय पर नहीं खुला या परीक्षा में देर से आने वाले छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रखी गई, तो यह छात्रों के लिए अनावश्यक जोखिम और तनाव का कारण बनता है।
परीक्षा प्रशासन ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नियमों का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन भविष्य में ऐसी असुविधाओं से बचने के लिए समन्वय और व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की कि परीक्षा के दिन निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।
इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती हैं। यह भी दिखाती हैं कि छात्रों की तैयारी और उत्साह कभी-कभी उन्हें जोखिम उठाने पर मजबूर कर देता है। प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करने का भरोसा दिया है।
सूत्रों के अनुसार, छात्राओं ने गेट पर देर से पहुंचने के बावजूद परीक्षा में शामिल होने की पूरी कोशिश की। जब उन्हें प्रवेश नहीं मिला, तो कुछ परीक्षार्थियों ने जोखिम उठाते हुए परीक्षा केंद्र की दीवार कूदकर अंदर प्रवेश किया। इस दौरान कुछ अभिभावक भी मौके पर पहुंचे थे और उन्होंने अपने बच्चों की मदद की।
गोपालगंज में इस बार कुल 35 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक केंद्र में परीक्षार्थियों की उपस्थिति और समय पालन पर विशेष ध्यान रखा गया था। परीक्षा प्राधिकरण ने निर्देश दिया था कि छात्र और छात्राएं परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम 30 मिनट पहले पहुंचे। इसके बावजूद कुछ छात्र देर से पहुंचे, जिससे उन्हें प्रवेश में कठिनाई का सामना करना पड़ा।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि छात्राएं किस तरह दीवार कूदकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश कर रही हैं। यह दृश्य न केवल सुरक्षा की दृष्टि से चिंताजनक है, बल्कि यह इस बात को भी उजागर करता है कि छात्रों की परीक्षा के प्रति उत्सुकता और दबाव कितना अधिक है।
शिक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि यह स्थिति व्यवस्था और नियमों के पालन के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता को दर्शाती है। अगर गेट समय पर नहीं खुला या परीक्षा में देर से आने वाले छात्रों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं रखी गई, तो यह छात्रों के लिए अनावश्यक जोखिम और तनाव का कारण बनता है।
परीक्षा प्रशासन ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नियमों का पालन करना अनिवार्य है, लेकिन भविष्य में ऐसी असुविधाओं से बचने के लिए समन्वय और व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों और छात्रों से भी अपील की कि परीक्षा के दिन निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचें।
इस तरह की घटनाएं शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा केंद्र सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाती हैं। यह भी दिखाती हैं कि छात्रों की तैयारी और उत्साह कभी-कभी उन्हें जोखिम उठाने पर मजबूर कर देता है। प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं और भविष्य में ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्त उपाय लागू करने का भरोसा दिया है।