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मुंबई में बढ़ती गर्मी
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण बदला सिस्टम, मुंबई में बढ़ रहा तापमान
मुंबई में अचानक बढ़ी गर्मी, एंटी-साइक्लोन और कमजोर समुद्री हवाएं बनी वजह
07 Feb 2026, 05:19 PM
Maharashtra -
Mumbai
Reporter :
Mahesh Sharma
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Mumbai देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में फरवरी की शुरुआत में ही गर्मी का असर दिखने लगा है। बीते कुछ दिनों से शहर का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को चिलचिलाती धूप और उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग और निजी एजेंसियों के मुताबिक, यह बदलाव सामान्य मौसमी प्रक्रिया से अलग है और इसके पीछे बड़े पैमाने पर मौसमीय सिस्टम में आया परिवर्तन जिम्मेदार है।
स्काईमेट वेदर के अनुसार, मुंबई की सांताक्रूज वेधशाला में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई इलाकों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। आमतौर पर इस समय समुद्र से आने वाली ठंडी हवाएं दोपहर से पहले ही सक्रिय हो जाती हैं, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह अलग नजर आ रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण एंटी-साइक्लोन सिस्टम अपने सामान्य स्थान राजस्थान से खिसक गया है। इस बदलाव का सीधा असर पश्चिमी भारत और खासतौर पर मुंबई के मौसम पर पड़ा है। एंटी-साइक्लोन की स्थिति बदलने से समुद्री हवाओं की गति कमजोर हो गई है, जो तापमान संतुलन में अहम भूमिका निभाती हैं।
पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि समुद्री हवाएं दोपहर 2 बजे के बाद ही चलना शुरू हो रही हैं। इसके कारण दिन के शुरुआती घंटों में तेज धूप पड़ रही है और गर्म हवा का असर बढ़ रहा है। नतीजतन, मुंबईवासियों को फरवरी में ही मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी महसूस हो रही है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में खास राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि, अगर एंटी-साइक्लोन की स्थिति फिर से सामान्य होती है और समुद्री हवाएं समय पर सक्रिय होती हैं, तो तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल लोगों को धूप और गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ती गर्मी से डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और दोपहर की तेज धूप से बचना जरूरी बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुंबई में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज इस बात का संकेत है कि जलवायु और मौसमी सिस्टम में छोटे बदलाव भी बड़े असर डाल सकते हैं। आने वाले दिनों में मौसम पर सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या शहर को इस असामान्य गर्मी से जल्द राहत मिलेगी या नहीं।
स्काईमेट वेदर के अनुसार, मुंबई की सांताक्रूज वेधशाला में तापमान लगातार बढ़ रहा है और कई इलाकों में पारा 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। आमतौर पर इस समय समुद्र से आने वाली ठंडी हवाएं दोपहर से पहले ही सक्रिय हो जाती हैं, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। लेकिन इस बार स्थिति पूरी तरह अलग नजर आ रही है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण एंटी-साइक्लोन सिस्टम अपने सामान्य स्थान राजस्थान से खिसक गया है। इस बदलाव का सीधा असर पश्चिमी भारत और खासतौर पर मुंबई के मौसम पर पड़ा है। एंटी-साइक्लोन की स्थिति बदलने से समुद्री हवाओं की गति कमजोर हो गई है, जो तापमान संतुलन में अहम भूमिका निभाती हैं।
पिछले कुछ दिनों से देखा जा रहा है कि समुद्री हवाएं दोपहर 2 बजे के बाद ही चलना शुरू हो रही हैं। इसके कारण दिन के शुरुआती घंटों में तेज धूप पड़ रही है और गर्म हवा का असर बढ़ रहा है। नतीजतन, मुंबईवासियों को फरवरी में ही मार्च-अप्रैल जैसी गर्मी महसूस हो रही है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक तापमान में खास राहत मिलने की संभावना कम है। हालांकि, अगर एंटी-साइक्लोन की स्थिति फिर से सामान्य होती है और समुद्री हवाएं समय पर सक्रिय होती हैं, तो तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल लोगों को धूप और गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ती गर्मी से डिहाइड्रेशन, थकान और हीट स्ट्रेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है। पर्याप्त पानी पीना, हल्के कपड़े पहनना और दोपहर की तेज धूप से बचना जरूरी बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर, मुंबई में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज इस बात का संकेत है कि जलवायु और मौसमी सिस्टम में छोटे बदलाव भी बड़े असर डाल सकते हैं। आने वाले दिनों में मौसम पर सभी की नजरें टिकी हैं कि क्या शहर को इस असामान्य गर्मी से जल्द राहत मिलेगी या नहीं।