Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
- Select Location
- ताज़ा खबर
- राष्ट्रीय (भारत)
- अंतरराष्ट्रीय
- राज्य व क्षेत्रीय
- राजनीति
- सरकार व प्रशासन
- नीति व नियम
- न्यायालय व न्यायपालिका
- कानून व्यवस्था
- अपराध
- साइबर अपराध व डिजिटल सुरक्षा
- सुरक्षा व आतंकवाद
- अर्थव्यवस्था (मैक्रो)
- व्यापार व कॉरपोरेट
- बैंकिंग व भुगतान
- स्टार्टअप व उद्यमिता
- टेक्नोलॉजी
- विज्ञान व अनुसंधान
- पर्यावरण
- मौसम
- स्वास्थ्य
- शिक्षा
- नौकरी व करियर
- कृषि
- ग्रामीण विकास
- परिवहन
- दुर्घटना व सुरक्षा
- खेल
- मनोरंजन
- धर्म व अध्यात्म
- समाज व सामाजिक मुद्दे
- लाइफस्टाइल
- यात्रा व पर्यटन
- जन सेवा व अलर्ट
- जांच व विशेष रिपोर्ट
- प्रतियोगी परीक्षाएँ
- खेल (अन्य)
Choose Location
Current:
India
Country: India
Selected State: None
हजारों रोजगार के अवसर
देश के पहले बड़े AI हब की नींव रखी गई
AI इम्पैक्ट समिट में 5 बड़ी डील्स, भारत बनेगा वैश्विक टेक हब
19 Feb 2026, 10:21 AM
Andhra Pradesh -
Visakhapatnam
Reporter :
Mahesh Sharma
ADVERTISEMENT
Sponsored
Ad
Open
Visakhapatnam भारत में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के चौथे दिन देश को तकनीकी क्षेत्र में बड़ी सौगात मिली। इस समिट के दौरान कई वैश्विक टेक कंपनियों ने भारत में अरबों डॉलर के निवेश की घोषणा की, जिससे देश को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर सेक्टर में नई दिशा मिलने वाली है।
सबसे बड़ी घोषणा Google के सीईओ Sundar Pichai ने की। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बताया कि कंपनी अगले पांच वर्षों में भारत में करीब 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश देश के पहले बड़े AI हब को विकसित करने में इस्तेमाल होगा।
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर होगा। यह डेटा सेंटर न केवल भारत बल्कि एशिया के प्रमुख AI इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में से एक बनने की क्षमता रखता है। इससे क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा NVIDIA ने भारतीय कंपनी Yotta Data Services के साथ मिलकर अत्याधुनिक AI चिप्स के विकास की योजना बनाई है। इस साझेदारी के तहत लगभग 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया जाएगा। इन चिप्स का उपयोग हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और जनरेटिव AI मॉडल्स के लिए किया जाएगा।
इसी कड़ी में Larsen & Toubro (L&T) भी इस टेक विस्तार में भागीदार बनेगी। कंपनी डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी निर्माण में सहयोग देगी।
समिट में Microsoft और Qualcomm ने भी भारत में रिसर्च, क्लाउड सर्विस और सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़े विस्तार की प्रतिबद्धता जताई। इन निवेशों से भारत में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पांच मेगा डील्स से भारत वैश्विक AI मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में पहुंचेगा। इससे न केवल विदेशी निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी गति मिलेगी।
AI इम्पैक्ट समिट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये निवेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं।
सबसे बड़ी घोषणा Google के सीईओ Sundar Pichai ने की। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात के बाद बताया कि कंपनी अगले पांच वर्षों में भारत में करीब 15 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। यह निवेश देश के पहले बड़े AI हब को विकसित करने में इस्तेमाल होगा।
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बनने वाला मेगा AI डेटा सेंटर होगा। यह डेटा सेंटर न केवल भारत बल्कि एशिया के प्रमुख AI इंफ्रास्ट्रक्चर केंद्रों में से एक बनने की क्षमता रखता है। इससे क्लाउड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और बिग डेटा एनालिटिक्स को मजबूती मिलेगी।
इसके अलावा NVIDIA ने भारतीय कंपनी Yotta Data Services के साथ मिलकर अत्याधुनिक AI चिप्स के विकास की योजना बनाई है। इस साझेदारी के तहत लगभग 2 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया जाएगा। इन चिप्स का उपयोग हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और जनरेटिव AI मॉडल्स के लिए किया जाएगा।
इसी कड़ी में Larsen & Toubro (L&T) भी इस टेक विस्तार में भागीदार बनेगी। कंपनी डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीकी निर्माण में सहयोग देगी।
समिट में Microsoft और Qualcomm ने भी भारत में रिसर्च, क्लाउड सर्विस और सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़े विस्तार की प्रतिबद्धता जताई। इन निवेशों से भारत में हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन पांच मेगा डील्स से भारत वैश्विक AI मानचित्र पर और मजबूत स्थिति में पहुंचेगा। इससे न केवल विदेशी निवेश बढ़ेगा, बल्कि स्टार्टअप इकोसिस्टम को भी गति मिलेगी।
AI इम्पैक्ट समिट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में ये निवेश देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जा सकते हैं।