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ड्यूटी पर दारोगा की अचानक मौत
ड्यूटी के दौरान अचानक बिगड़ी तबीयत
ड्यूटी के दौरान अचानक गिर पड़े दारोगा, हार्ट अटैक से हुई मौत
10 Feb 2026, 12:11 PM
Uttar Pradesh -
Banda
Reporter :
Mahesh Sharma
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Banda उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में ड्यूटी के दौरान एक दारोगा की अचानक मौत हो जाने से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। प्रयागराज निवासी दारोगा धीरेंद्र कुमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह दुखद घटना उस समय हुई जब वह पुलिस लाइन में अपनी नियमित ड्यूटी पर तैनात थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार 8 फरवरी को दारोगा धीरेंद्र कुमार पुलिस लाइन परिसर में ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़े। साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। आनन-फानन में चिकित्सकीय सहायता बुलायी गई, मगर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
बताया जा रहा है कि दारोगा धीरेंद्र कुमार वर्ष 1987 में सिपाही के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। वर्षों की सेवा के बाद उन्हें पदोन्नति देकर उप निरीक्षक बनाया गया था। अपनी लंबी सेवा अवधि में वह विभिन्न जिलों में तैनात रहे और एक अनुशासित व कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे।
घटना के बाद बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने दारोगा के परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। एसपी ने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि विभाग परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए।
दारोगा के निधन की सूचना मिलने पर उनके परिजन प्रयागराज से बांदा पहुंचे। पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों की आंखें नम नजर आईं।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक दबाव को उजागर किया है। लंबे समय तक ड्यूटी, तनाव और जिम्मेदारियों के बीच काम करने वाले पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है और विभागीय स्तर पर आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दारोगा की अचानक हुई मौत से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा पुलिस विभाग गहरे सदमे में है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार 8 फरवरी को दारोगा धीरेंद्र कुमार पुलिस लाइन परिसर में ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर पड़े। साथी पुलिसकर्मियों ने तत्काल उन्हें संभालने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी हालत गंभीर हो चुकी थी। आनन-फानन में चिकित्सकीय सहायता बुलायी गई, मगर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है।
बताया जा रहा है कि दारोगा धीरेंद्र कुमार वर्ष 1987 में सिपाही के पद पर पुलिस विभाग में भर्ती हुए थे। वर्षों की सेवा के बाद उन्हें पदोन्नति देकर उप निरीक्षक बनाया गया था। अपनी लंबी सेवा अवधि में वह विभिन्न जिलों में तैनात रहे और एक अनुशासित व कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे।
घटना के बाद बांदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने दारोगा के परिवार से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। एसपी ने परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया और कहा कि विभाग परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक औपचारिकताएं शीघ्र पूरी करने के निर्देश भी दिए।
दारोगा के निधन की सूचना मिलने पर उनके परिजन प्रयागराज से बांदा पहुंचे। पुलिस लाइन में पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों की आंखें नम नजर आईं।
इस घटना ने एक बार फिर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी के दौरान होने वाले शारीरिक और मानसिक दबाव को उजागर किया है। लंबे समय तक ड्यूटी, तनाव और जिम्मेदारियों के बीच काम करने वाले पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है और विभागीय स्तर पर आवश्यक रिपोर्ट तैयार की जा रही है। दारोगा की अचानक हुई मौत से न सिर्फ उनका परिवार, बल्कि पूरा पुलिस विभाग गहरे सदमे में है।