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एक छात्र, भारी सुरक्षा
मैट्रिक परीक्षा में अकेले छात्र के लिए विशेष इंतजाम
गढ़वा में एक छात्र की परीक्षा के लिए मजिस्ट्रेट समेत पूरा सुरक्षा तंत्र तैनात
18 Feb 2026, 12:33 PM
Jharkhand -
Garhwa
Reporter :
Mahesh Sharma
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Garhwa झारखंड में चल रही मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बीच गढ़वा जिले का एक परीक्षा केंद्र इन दिनों सुर्खियों में है। यहां एकमात्र परीक्षार्थी के लिए प्रशासन ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट की तैनाती के साथ 18 निगरानी दल और पुलिस की 12 टीमें लगाई गईं, जिससे यह केंद्र चर्चा का विषय बन गया।
जानकारी के अनुसार, मैट्रिक के छात्र शंकर कुमार सिंह ने संगीत विषय का चयन किया है। उनका परीक्षा केंद्र उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हरहे रमकांडा में निर्धारित किया गया। खास बात यह है कि इस केंद्र पर संगीत विषय का एक ही छात्र परीक्षार्थी था, जिसके कारण पूरी व्यवस्था उसी के लिए करनी पड़ी।
झारखंड में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए जाते हैं। प्रशासनिक निर्देशों के तहत प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा बल, दंडाधिकारी और निगरानी दल तैनात किए जाते हैं। गढ़वा के इस केंद्र पर भी वही मानक प्रक्रिया अपनाई गई, भले ही परीक्षार्थी सिर्फ एक ही क्यों न हो।
केंद्राधीक्षक हर्ष ज्योति शुक्ला ने बताया कि विद्यालय में अन्य विषयों की परीक्षाएं भी आयोजित हो रही हैं। सोमवार को संस्कृत विषय की परीक्षा थी, जिसमें कई छात्र शामिल हुए। लेकिन संगीत विषय के लिए केवल एक छात्र पंजीकृत था, इसलिए नियमों के अनुसार पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
स्थानीय लोगों के लिए यह दृश्य असामान्य जरूर था, लेकिन प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे परीक्षार्थियों की संख्या एक हो या सौ, नियम सबके लिए समान हैं। इसी कारण मजिस्ट्रेट की उपस्थिति, पुलिस बल की तैनाती और निगरानी टीमों की सक्रियता सुनिश्चित की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया था। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी प्रकार की अनियमितता की सूचना नहीं मिली।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी ध्यान आकर्षित किया है, जहां लोग एक छात्र के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह व्यवस्था किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए की गई है।
गढ़वा का यह परीक्षा केंद्र अब उदाहरण बन गया है कि नियमों के पालन में कोई समझौता नहीं किया जाता, चाहे परिस्थिति कितनी भी असामान्य क्यों न हो।
जानकारी के अनुसार, मैट्रिक के छात्र शंकर कुमार सिंह ने संगीत विषय का चयन किया है। उनका परीक्षा केंद्र उत्क्रमित मध्य विद्यालय, हरहे रमकांडा में निर्धारित किया गया। खास बात यह है कि इस केंद्र पर संगीत विषय का एक ही छात्र परीक्षार्थी था, जिसके कारण पूरी व्यवस्था उसी के लिए करनी पड़ी।
झारखंड में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान नकल रोकने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े प्रबंध किए जाते हैं। प्रशासनिक निर्देशों के तहत प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा बल, दंडाधिकारी और निगरानी दल तैनात किए जाते हैं। गढ़वा के इस केंद्र पर भी वही मानक प्रक्रिया अपनाई गई, भले ही परीक्षार्थी सिर्फ एक ही क्यों न हो।
केंद्राधीक्षक हर्ष ज्योति शुक्ला ने बताया कि विद्यालय में अन्य विषयों की परीक्षाएं भी आयोजित हो रही हैं। सोमवार को संस्कृत विषय की परीक्षा थी, जिसमें कई छात्र शामिल हुए। लेकिन संगीत विषय के लिए केवल एक छात्र पंजीकृत था, इसलिए नियमों के अनुसार पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई।
स्थानीय लोगों के लिए यह दृश्य असामान्य जरूर था, लेकिन प्रशासन का कहना है कि परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता है। चाहे परीक्षार्थियों की संख्या एक हो या सौ, नियम सबके लिए समान हैं। इसी कारण मजिस्ट्रेट की उपस्थिति, पुलिस बल की तैनाती और निगरानी टीमों की सक्रियता सुनिश्चित की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया था। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और किसी प्रकार की अनियमितता की सूचना नहीं मिली।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी ध्यान आकर्षित किया है, जहां लोग एक छात्र के लिए इतनी बड़ी व्यवस्था को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि यह व्यवस्था किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए की गई है।
गढ़वा का यह परीक्षा केंद्र अब उदाहरण बन गया है कि नियमों के पालन में कोई समझौता नहीं किया जाता, चाहे परिस्थिति कितनी भी असामान्य क्यों न हो।