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पूरे देश में दहशत का माहौल
थाईलैंड में डे-केयर सेंटर में गोलीबारी हुई।
थाईलैंड में डे-केयर गोलीकांड, पूर्व पुलिसकर्मी ने 34 लोगों की हत्या की
11 Feb 2026, 05:33 PM Nonthaburi - Pak Kret
Reporter : Mahesh Sharma
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Pak Kret थाईलैंड में हाल ही में हुई दो भयावह गोलीबारी की घटनाओं ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। नॉनथबुरी प्रान्त के कोह समट शहर में एक डे-केयर सेंटर पर पूर्व पुलिसकर्मी ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में 22 बच्चे और 12 वयस्क मारे गए। यह थाईलैंड के इतिहास में सबसे भयावह सामूहिक हत्या के रूप में दर्ज की जा रही है।

घटना के अनुसार, हमलावर ने डे-केयर में प्रवेश करते ही बच्चों और कर्मचारियों पर गोली चलानी शुरू कर दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि उन्होंने हमले के समय चीख-पुकार और अफरातफरी का माहौल देखा। पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले ही मानसिक रूप से अस्थिर था और उसका पुलिस रिकॉर्ड भी जांच के दौरान सामने आया है।

स्थानीय प्रशासन ने तुरंत आपातकालीन प्रतिक्रिया जताते हुए घायल बच्चों और कर्मचारियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, गंभीर रूप से घायल कुछ बच्चों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। हमले के समय डे-केयर सेंटर में कुल 40 से अधिक लोग मौजूद थे।

थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने पूरे देश में संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने का निर्देश दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस घटना ने देशभर में गहरी सनसनी फैला दी है। सोशल मीडिया पर लोग दुख और आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं। कई नागरिक सरकार से तत्काल और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय पुलिस ने कहा कि हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसकी पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में यह पता चला है कि हमलावर की मानसिक स्थिति गंभीर रूप से अस्थिर थी और उसने योजना बनाकर यह अपराध किया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की सामूहिक हिंसा रोकने के लिए थाईलैंड में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, पुलिस और समाज के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता है। इसके अलावा, डे-केयर और स्कूलों में सुरक्षा मानकों को और सख्त करने की मांग उठ रही है।

यह गोलीकांड थाईलैंड में लंबे समय तक याद रखा जाएगा और देश की सुरक्षा नीतियों पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए व्यापक कदम उठाए जाएंगे।