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मूर्ति स्थापना विवाद से भड़की हिंसा
लखीमपुर खीरी जिले के बांकेगंज कस्बे में अंबेडकर जयंती के मौके पर माहौल उस समय बिगड़ गया जब मूर्ति स्थापना को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। लंबे समय से इस स्थान पर केवल बाबा साहब की तस्वीर लगाने पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ लोगों ने अचानक मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते झड़प शुरू हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले कहासुनी हुई, फिर मारपीट और बाद में स्थिति हिंसक हो गई। इस पूरे घटनाक्रम ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया और माहौल पूरी तरह बिगड़ गया।
पत्थरबाजी में कई पुलिसकर्मी घायल
विवाद के दौरान स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि दोनों पक्षों के बीच पत्थरबाजी शुरू हो गई। हालात को काबू में करने पहुंची पुलिस भी इस हिंसा की चपेट में आ गई। करीब 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल बुलाया और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। इस घटना ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है और पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई पूरी घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब कुछ लोगों ने जबरन मूर्ति स्थापित करने का प्रयास किया। इसका विरोध होने पर दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान मूर्ति गिर गई, जिससे मामला और भड़क गया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और हिंसा शुरू हो गई। स्थानीय निवासी चंदा देवी ने बताया कि स्थिति अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। इस बयान से साफ है कि विवाद पहले से मौजूद था, जो इस मौके पर हिंसा में बदल गया।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया। दुर्गा शक्ति नागपाल और ख्याति गर्ग मौके पर पहुंचीं और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी कीमत पर स्थिति को नियंत्रण में लाया जाए। भारी पुलिस बल तैनात किया गया और इलाके में गश्त बढ़ा दी गई। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और अफवाहों से बचने को कहा। अधिकारियों की मौजूदगी से हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे।
इलाके में सुरक्षा कड़ी, जांच शुरू
घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और दोषियों की पहचान की जा रही है। वीडियो फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रणनीति बनाई जा रही है।
सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील
इस घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय नेताओं ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसे विवाद समाज को बांटते हैं और इससे किसी का भला नहीं होता। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कानून अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। आने वाले दिनों में प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती इस तनाव को पूरी तरह खत्म करना और इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करना होगी।
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