Search News
Tip: Search by heading, content, category, city, state, highlights.
अटल टनल पास हिमस्खलन अलर्ट
हिमाचल में अटल टनल पास हिमस्खलन का खतरा, पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, पर्यटकों के लिए चेतावनी
04 Apr 2026, 12:13 PM Himachal Pradesh - Manali
Reporter : Mahesh Sharma
Manali

मौसम बदलने से पहाड़ों में खतरा बढ़ा

हिमाचल प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के ऊपरी क्षेत्रों में लगातार ठंडी हवाओं के साथ बर्फबारी और बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अटल टनल और आसपास के क्षेत्रों में हिमस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में तापमान में तेज गिरावट और भारी बर्फबारी ने पहाड़ी इलाकों में सुरक्षा स्थिति को संवेदनशील बना दिया है।

मनाली, कुफरी, नारकंडा, सोलंग वैली और सिस्सू जैसे पर्यटन स्थलों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। इससे पहाड़ों में आवाजाही और स्थानीय यातायात प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जोखिम वाले इलाकों में न जाएं और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।


अटल टनल क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट जारी

अटल टनल और आसपास के इलाकों में हिमस्खलन का खतरा देखते हुए प्रशासन ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि इस क्षेत्र में सामान्य से ज्यादा सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। अधिकारियों ने स्थानीय पर्यटन एजेंसियों, ट्रैफिक विभाग और पुलिस को भी विशेष निर्देश दिए हैं।

इस अलर्ट के तहत टनल के पास किसी भी प्रकार के ठेले, अस्थायी दुकान या फोटो पॉइंट को बंद करने का आदेश दिया गया है। साथ ही टनल और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पर्यटकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आवश्यक यात्रा ही करें और खतरनाक इलाके में न जाएं।


येलो अलर्ट जारी किए गए अन्य जिलों में

ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 3 और 4 अप्रैल को इन जिलों में बारिश और आंशिक बर्फबारी की संभावना है। वहीं 5 और 6 अप्रैल को भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का सिलसिला जारी रहेगा।

येलो अलर्ट का मतलब है कि इन जिलों में सामान्य से अधिक सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों से कहा है कि वे नदी किनारे या ढलानों पर जाने से बचें। स्कूलों और सरकारी कार्यालयों को भी चेतावनी के तहत आवश्यक तैयारी करने को कहा गया है।


पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षा निर्देश

मौसम विभाग ने मनाली और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों को विशेष चेतावनी दी है। उन्हें जोखिम वाले इलाकों से दूर रहने, भारी सामान न ले जाने और सुरक्षित मार्गों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।

स्थानीय प्रशासन ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत संबंधित अधिकारियों या आपदा प्रबंधन टीम को सूचित किया जाए। अटल टनल क्षेत्र में विशेष सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति में तत्काल मदद उपलब्ध हो सके।


हिमस्खलन की संभावित वजहें और खतरे

विशेषज्ञों के अनुसार, हिमस्खलन का मुख्य कारण लगातार भारी बर्फबारी, तेज हवाएं और पहाड़ियों में जमा हुआ बर्फ का असंतुलित होना है। अटल टनल और आसपास के ऊपरी इलाके विशेष रूप से संवेदनशील हैं, क्योंकि वहां की ढलानों पर बर्फ जल्दी बह सकती है।

हिमस्खलन के कारण सड़कें और टनल ब्लॉक हो सकती हैं। इससे न केवल यातायात प्रभावित होगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय लोगों की जान पर भी खतरा पैदा हो सकता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर चेतावनी के बावजूद लोग संवेदनशील इलाकों में जाते हैं, तो किसी भी प्रकार की दुर्घटना की जिम्मेदारी उनकी खुद की होगी।


भविष्य की संभावित परिस्थितियां और तैयारियां

मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल के मध्य तक पहाड़ी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। प्रशासन ने पहले से ही सभी जिलों में आपदा प्रबंधन टीम को सक्रिय कर रखा है।

स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे मौसम अपडेट लगातार देखें और सरकारी निर्देशों का पालन करें। पर्यटन विभाग ने भी कहा है कि सुरक्षित और नियंत्रित पर्यटक गतिविधियों के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया कि किसी भी जोखिमपूर्ण गतिविधि में जाने वाले पर्यटक स्वयं अपनी जिम्मेदारी पर होंगे।

ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement
Ad
Open

Latest News

Feed shows today's latest first, then previous days to complete up to 50 items.
thumb
मेरठ के स्कूल में छात्रों पर मधुमक्खियों का हमला, मची चीख-पुकार; मौके पर दौड़े अभिभावक
April 14, 2026
thumb
नीतीश युग के अंत के साथ बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय, त्रिकोणीय मुकाबले से अब सीधी दो ध्रुवीय लड़ाई
April 13, 2026
thumb
महिला आरक्षण कानून पर तेज हुई सियासत, किरेन रिजिजू ने खरगे को पत्र लिख समर्थन मांगा, देरी पर उठाए सवाल
April 13, 2026
thumb
तमिलनाडु में भाषा और शिक्षा फंड पर घमासान, स्टालिन ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप, हिंदी थोपने का मुद्दा गरमाया
April 13, 2026
thumb
दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद ने फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, खुली अदालत में सुनवाई की मांग तेज
April 13, 2026
thumb
कर्नाटक कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान तेज, सिद्धारमैया के करीबी नेताओं पर कार्रवाई की तैयारी, हाईकमान सख्त रुख अपनाने के संकेत
April 13, 2026
thumb
पड़ोसी देश के प्रधानमंत्री पर संजय राउत का तीखा हमला, बयान से बढ़ी सियासी गर्मी और अंतरराष्ट्रीय बयानबाजी पर बहस
April 13, 2026
thumb
नोएडा से उठी कर्मचारियों की चिंगारी अब हरियाणा पहुंची, फरीदाबाद में हजारों मजदूरों की हड़ताल से औद्योगिक कामकाज ठप
April 13, 2026
thumb
बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर मंथन तेज, शिवराज सिंह चौहान बने पर्यवेक्षक, डिप्टी सीएम फॉर्मूले पर भी चर्चा शुरू
April 13, 2026
thumb
बिहार में सत्ता परिवर्तन तय, 14 अप्रैल को अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार
April 13, 2026
ADVERTISEMENT Sponsored
Advertisement Open