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नई दिल्ली। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के कार्यकर्ताओं के खिलाफ दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर संगठन ने कड़ा विरोध जताया है। NSUI नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उनके घरों से उठाया, उन पर झूठे मुकदमे दर्ज किए और उन्हें तिहाड़ जेल भेजा, जो कि पूरी तरह दमनकारी कदम है।
संगठन के अनुसार, यह कार्रवाई लोकतंत्र की आत्मा पर सीधा हमला है। कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी कथित तौर पर परेशान किया गया, जिसे NSUI ने सत्ता की कायरतापूर्ण कार्यशैली बताया। NSUI ने स्पष्ट किया कि उनका कार्यकर्ता डरने वाला नहीं है और वह अपने अधिकारों और सच्चाई की लड़ाई लड़ता रहेगा, चाहे इसके लिए उसे जेल ही क्यों न जाना पड़े।
NSUI नेताओं ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जो वर्तमान में देश के विपक्ष के प्रमुख चेहरों में से एक हैं, करोड़ों लोगों की आवाज़ हैं और एक चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं। उनके खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणियों को संगठन ने लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
इसके साथ ही, दूरदर्शन की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। NSUI का कहना है कि दूरदर्शन एक सार्वजनिक प्रसारक है, जो करदाताओं के पैसे से संचालित होता है। ऐसे में किसी पत्रकार द्वारा पक्षपातपूर्ण रिपोर्टिंग करना और सत्ताधारी दल के पक्ष में माहौल बनाना पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
संगठन ने आरोप लगाया कि कुछ पत्रकार व्यक्तिगत राजनीतिक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे न केवल पत्रकारिता की साख प्रभावित हो रही है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था भी कमजोर हो रही है। NSUI ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो देशभर में विरोध प्रदर्शन तेज किए जाएंगे।
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