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मेरठ/नई दिल्ली। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) द्वारा मंगलवार को दूरदर्शन कार्यालय के बाहर एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। यह प्रदर्शन पत्रकार अशोक श्रीवास्तव द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में किया गया।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का आरोप है कि हाल ही में अशोक श्रीवास्तव ने राहुल गांधी की तुलना विनायक दामोदर सावरकर से करते हुए उन्हें “सावरकर के पैरों की धूल” बताया, जो न केवल एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपमान है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी खिलाफ है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राहुल गांधी देश के प्रमुख विपक्षी नेता हैं और करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का प्रयोग अस्वीकार्य है।
प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि अशोक श्रीवास्तव पहले भी कई बार विवादास्पद बयान दे चुके हैं और उनकी टिप्पणियों से उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन से जुड़े पत्रकारों को निष्पक्ष और जिम्मेदार रहना चाहिए, क्योंकि यह संस्थान करदाताओं के पैसे से संचालित होता है।
एनएसयूआई ने इस मामले में तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन ने अशोक श्रीवास्तव से सार्वजनिक माफी की मांग की है। इसके साथ ही दूरदर्शन प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके अलावा भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त दिशानिर्देश लागू करने की भी मांग की गई है।
एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि संगठन लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और जिम्मेदार पत्रकारिता के मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे किसी भी कृत्य के खिलाफ आगे भी आवाज उठाता रहेगा।
✍🏻 ऋषभ पराशर, राष्ट्रीय अध्यक्ष, AIMA मीडिया युवा प्रकोष्ठ.
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